Tuesday, 26 December 2017

सफलता आपके हाथ


सफलता के लिए नेटवर्क बनाना :- 

" यह एक मित्रता पूर्ण संपर्क बनाने का एक समृद्ध क्षेत्र है और इसकी कोई सीमा नहीं है " 
       "अगर आप ऐसे  व्यवसाय हैं जिसमे मित्रो  संख्या बढ़ाने की जरुरत हो , तो उसका जीवनसाथी सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से उसे बहुत लाभ पंहुचा सकता है"। 

कई अधिकारी अपने पद के कारण सीधे विज्ञापन नहीं कर सकते है।  अगर उनका जीवनसाथी सामाजिक गतिविधियों में है दिलचस्पी लेता है, तो वे अपने सामाजिक अधिकारों का प्रभावी उपयोग कर सकता है।
जिंदगी के बहुत से  क्षेत्रों में लोगो के साथ मित्रतापूर्ण गठबंधन बनाने का सबसे प्रमुख लाभ है कि ये संपर्क ' राउंड टेबल' वार्ताओं का अवसर देती हैा इन बातो से मिलने वाले ज्ञान का प्रयोग हम अपने निशचित प्रमुख  गोल तक पहुंचने के लिए कर सकते है।


" अगर मस्तिष्क को समृद्ध , सतर्क , ग्रहणशील और लचीला  बनाये रखना है, तो उसे दूसरे मस्तिष्क के गोदान से लगातार खुराक मिलना चाहिए।  अगर इस नवीनीकरण को नजरअंदाज किया गया तो मष्तिष्क उस हाथ की तरह कुंद  होने लगेगा, जिसका प्रयोग  न किया जाता हो। यह प्रक्रति का नियम है। "



Author:- नेपोलियन हिल




Monday, 25 December 2017

एक ,विचार और एक अच्छा कार्य बदलेगा आपके जीवन की राह

विचारो से मिलेगी,  जीवन की राह 

किसी भी कार्य को शुरू करने की पहली सीढ़ी होती है , विचार।  एक विचार, व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल सकता है।  सबसे मुश्किल है विचार के अनुसार कार्य करना।  स्वामी विवेकानन्द का कहना है की "मन में एक विचार लो और उस विचार को अपनी जिंदगी बना लो , उसी के बारे में सोचो , उसके ही सपने देखो ,और उस विचार को ही जिओ। " आपका मन , आपके शरीर का हर अंग और मांसपेशियां , सभी उस विचार में हो और दूसरे अन्य विचार उसे भटका न पाए।  यही सफलता का रास्ता है।  किसी विचार को सफलता में तब्दील करने की राह में कई मुश्किलों  का का भी सामना करना पड़ सकता है।  




कहे , हा मैं कर सकता हूँ  

दुनिया में दो तरह के लोग होते है , एक वे , जो सोचते है ' मैं यह नहीं कर सकता।  दूसरे वे , जो कहते है ' है मैं यह कर सकता हू'।  जब कोई इस विचार के साथ अपनी सफलता की मंजिल को तय करता है की  हाँ , मैं यह कर सकता  हूँ तो उसके लिए रास्ते में आने वाली चुनौतियों को स्वीकार करना  मुश्किल नहीं होता है। 


Author:- Adarsh kumar Pal 

Monday, 13 November 2017

Author:- Adarsh kumar Pal

अगर आप सफल होने , विजयी होने , और आगे बढ़ने के लिए पैदा हुए है तो। ......... 



अमीर बनाने का अधिकार सभी को है  लेकिन सभी लोग अमीर नहीं बन पाते हैं ऐसा क्यों होता है आप ने कभी सोचा है अगर मैं अमीर बनाने की बात करू तो दुनिया का हर आदमी अमीर बनाना चाहता है पर सब बन नहीं पाते ,सभी सफल होना चाहते हैं पर हो नहीं पाते हैं ऐसा क्यों ?
ऐसा इसलिए नहीं की वो अमीर बनाने के बारे में सोचते नहीं हैं ऐसा इसलिए नहीं की वो सफल नहीं  होना चाहते हैं  वो अमीर बनाना चाहते हैं , वो सफल भी होना चाहते हैं  क्योकि वो सोचते तो बहुत हैं पर उस दिशा में काम उतनी तेजी के साथ नहीं करते जितनी तेजी से करना  चाहिए। वो काम करते -करते बीच में रुक जाते हैं या फिर बीच में ही आलस्य कर जाते हैं या  वो बीच में ही थक जाते हैं, या वो सोचने लगते हैं की अब तक कोई फायदा नहीं हुआ तो अब क्या होगा। ये कुछ  ऐसे कारण जो 90 % लोगो को सफल होने या अमीर होने से रोकते हैं। 
  
        अगर आप को अमीर बनाना  तो आप को इन कारणों को खत्म करना होगा। आप  को आलस्य छोड़ना होगा, आप को उतनी तेजी के साथ काम करना होगा जीतनी तेजी से  आप सफल बनाना चाहते हैं आप को ये सोचना बंद करना होगा की लोग आप के बारे में क्या कहेंगे , लोग क्या सोचेंगे , ये सब आप को सोचना बंद करना होगा तभी आप अमीरी की राह पर चल सकते हो , अगर आप ये सब सोचते रहोगे तो आप कभी अमीर नहीं बन सकते हैं 

      इसलिए सोचना बंद कीजिये और काम करना शुरू कर दीजिये।  आप शुरू कर देंगे तो आप निशचित ही सफल और अमीर बनेगे।   

अगर आप सोच रहे हैं की पाई -पाई बचा कर आप अमीर बन जाओगे तो आप ......

Author:- Adarsh kumar Pal

अगर आप सोच रहे हैं की पाई -पाई बचा कर आप अमीर बन जाओगे तो आप  ...... 


ज्यादातर  लोगो की अगर बात करे तो वे  ये सोचते हैं की पाई - पाई बचा कर वे अमीर जायेंगे तो वे बिलकुल गलत हैं क्योकि आप पाई -पाई बचा कर केवल जिंदगी में समझौते के साथ उसको बिता सकते है पर अमीर बनाने की सोच सोच ही बनी रह जाएगी।  पाई - पाई बचा कर केवल एक छोटा सा घर बना सकते हैं पर अपने सपनो  का आशियाना नहीं बना सकते हैं  आप के पास केवल जेब खर्च पूरा कर सकते हैं पर आप अपने मन की सारी वस्तुएं नहीं \खरीद सकते है आप केवल अपनी जिन्दगी से समझौता कर- कर उसे काटेंगे जियेंगे नहीं।
अगर आप जिंदगी जीना चाहते हैं तो आप को अच्छी बचत करनी पड़ेगी , अब आप ये सोच रहे हैं की मेरी सैलरी ही कम है तो मैं अच्छी बचत कैसे कर पाऊंगा तो।

अब एक बात तो तय है की आप को बचत अच्छी करनी है पर आप की आय बहुत कम  है  तो आप को सबसे पहले आप को अपनी आय को बढ़ाने का साधन ढूढ़िए।  ये सोचिये की आप अपनी आय को कैसे बढ़ा सकते हैं  इसके लिए आप को सबसे पहले ये जानना पड़ेगा ,की आप  के अंदर क्या - क्या खूबी है आप के अंदर क्या -क्या  कमी है , आप क्या कर सकते हैं क्या नहीं कर सकते हैं। आप अपनी आय को कहाँ - कहाँ  से बढ़ा सकते हैं।
और आप इस तरीके से अपनी बचत को  बढ़ा सकते हैं। जब आप अपनी बचत को बढ़ा लेंगे तो आप की सोच में भी परिवर्तन होगा।  इससे आप का जीवन खुशहाल होगा और आप धीरे -धीरे अमीर हो जायेंगे।

Thursday, 9 November 2017

सेक्सेस पाने के लिए जरुरी बात

Author:- Adarsh kumar Pal

सेक्सेस पाने के लिए जरुरी बात  


   आप सभी लोग जो इस पोस्ट को पढ़ रहे है वो सभी लोग जीवन में सेक्सेस पाना चाहते है।  इसके लिए आप को अपने गुस्से पर काबू पाना होगा। क्योकि जब हम गुस्से में होते है तो हमे सही गलत की परख कर पाने में दिक्क्त होती है।   सहीं है क्या गलत है का निर्धारण सही ढंग से नहीं कर पाते है। 

             जब हम गुस्से में कोई काम कर देते है और काम ख़राब हो जाता है तो हम बाद में सोचते हैं की हमने ये काम सोच - समझकर क्यू नहीं किया।  जब भी आप को गुस्सा तो गुस्से के समय थोड़ा रुक जाये  और विचार करे की जो हम कर रहे है क्या वो सही है।  क्या उससे मेरा या किसी का कोई नुकसान तो नहीं होगा।

   
        गुस्सा हमारे दिमाग की उपज है गुस्सा उस समय ज्यादा आता है जब कोई काम या बात हमारे सोच के अनुसार नहीं होती है। अगर कोई बात हमारे अनुसार न हो तो उसे अपने अनुसार करवाने के और भी बहुत सारे तरीके हैं केवल एक गुस्सा कर के करवाना या मनवाना ही नहीं है।  उसे शान्ति से बात करके सुलझाए।

           आप जब गुस्सा करते है तो आप की छवि और आपकी इज्जत भी जाती है और जब आप ज्यादा गुस्सा करने लग जाते है तो वह आप की आदत में शामिल हो जाती है। जब यह आप की आदत में शामिल हो जाता है तो आप सोचने का तरीका और लोगो के प्रति आप का व्यवहार बदल जाता है। 

              लोग आप को सनकी मानने लगते है।  लोग आप की बात मानना कम कर देते हैं और सोचने लगते हैं की ये इनकी हमेशा की आदत है।   आप की बातो से कोई मतलब नहीं रखेंगे। तब  आप को लगेगा की लोग मेरी बात को मन क्यों नहीं रहे है। इस तरह होने पर आप को और ज्यादा गुस्सा आयेगा।  ज्यादा गुस्सा करने का सीधा असर आप की सेहत पर होगा। 

            अगर आप को सेक्सेस पाना है तो आप को गुस्से से दूरी बनानी होगी।  आप गुस्से से दूरी  लोग आप के करीब आने लगेगें। जो लोग गुस्से के कारण आप को बुरा कह रहे थे वही लोग आपकी तारीफ करेंगे और आप के साथ  रहेंगे।


Wednesday, 8 November 2017

नए बिजनेस आइडियाज खोजने का बेस्ट तरीका



नए बिजनेस आइडियाज खोजने का बेस्ट तरीका 



Author:- Adarsh kumar Pal
एक कर्तव्य जो आप को पूरा ही करना होगा  


           वैसे तो आप बहुत सारे कर्तव्यों को पूरा करते है और बहुत सारे कर्तव्य पूरे नहीं भी कर पाते हैं।  पर एक ऐसा कर्तव्य है जो आप को पूरा ही करना होता है वो है अपने आप को खुश रखने का कर्तव्य।  आप इस कर्तव्य से भाग नहीं सकते क्योकि ये कर्तव्य पूरा करने केलिए ही इंसान पूरी जिंदगी मेहनत करता है ख़ुशी के लिए सपने बुनता है उसे पूरा करता है ताकि वह खुश रह सके।



                                    

         सफलता की आशा :- 


              किसी अपूर्ण इच्छा के पूरी होने की आशा से जो सुख मिलता है , वह सबसे बड़ा सुख होता है।  जो व्यक्ति भविष्य के प्रति आशावादी नहीं होता है या बेहतर बनाने की आशा से काम नहीं करता है वह गरीब होता है। अतीत में किसी लक्ष्य तक पहुँचने की कोशिश नहीं कर  रहा है, तो वह इतना ज्यादा गरीब है कि उसका वर्णन नहीं किया जा सकता है। 


नए विचारो को अपनाने की चुनौती :- 


                              यह आपको शुरू में तो अजीब लग सकता है ,लेकिन आपको हतास नहीं होना चाहिए ,क्योकि सभी नए विचार पहले पहल अजीब लगते है। अगर आपको इस तरह की व्याहरिकता पे सक हो ,तो यह जान ले की इसी ने मुझे बेहद दौलत मंद बनाया  है.

                                  जब हैलाइड कार्पोरेशन के प्रेसिडेंट जोसेफ़ विल्सन ने ९१४ कापिंग मशीन को कंपनी जगत में लोकप्रिय बनाने की कोशिश की , तो किसी ने रूचि नहीं दिखाई। बहरहाल ,उनकी कंपनी और मैनेजमेंट टीम कोशिश करती रही आज ज़ेरॉक्स कार्पोरेशन ( हैलाइड कार्पोरेशन का बदला हुआ नाम )के पास बिलियनों डॉलर की सम्पति है।            

                                   

आर्थिक सुरक्षा :- 

                      बारह दौलतो में सबसे आखिरी दौलत आर्थिक सुरक्षा है ,लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह सबसे कम महत्वपूर्ण है। 

                      आर्थिक सुरक्षा सिर्फ आमिर बनने से हासिल नहीं होती है। यह तो आपके द्वारा की गयी सेवा से हासिल होती है। सिर्फ उपयोगी सेवा को ही मानवीय अवाश्य्कताओ के  सभी रूपों में बदला जा सकता है , चाहे इसमें धन का उपयोग हुआ हो या न हुआ हो। 

                            बिल गेट्स के पास आर्थिक सुरक्षा है। इसलिए नहीं ,क्योकि उनके पास ढेर सारी  दौलत है,बल्कि इसलिए क्योकि वो लाखो लोगो को रोजगार देते है और असंख्य लोगो को सूचना के आदान प्रदान के साधन प्रदान करते है। उनकी सेवा  के कारण ही वे आमिर बने है। आर्थिक  सुरक्षा इसी तरह हासिल करना चाहिए।



क्या करे ताकि लोग आप को अच्छा कहे 

            हर कोई चाहता है की लोग उसे अच्छा कहे , उसकी बात माने , हर काम करने से पहले उससे सलाह ली जाये।  अगर आप ऐसा चाहते है  तो आप सभी को इज्जत और सम्मान देना शुरू कर दीजिये।  जब  ऐसा करेंगे तो लोग आप को एक अच्छा आदमी मानने लगेंगे।  तब  आप की  वैल्यू बढ़ जाएगी।  जब आप की वैल्यू बढ़ जाती है तो आप की इज्जत बढ़ जाती है।  इज्जत बढ़ जाने पर लोग आप से परामर्श लेने लगते हैं।  ऐसा इसलिए होता है क्योकि आप लोगो को इज्जत देते हैं उनकी बात को समझते है।


Tuesday, 7 November 2017

    अगर  आप चाहते है की लोग आप से अच्छा बर्ताव करे तो आप ये करे 
               
        सभी लोग चाहते हैं  की लोग उनसे अच्छा बर्ताव करे।  पर क्या आप ने सोचा है की लोग आप से अच्छा बर्ताव कब करेंगे नहीं सोचा होगा।  मैं आप को बता दू की हमारे संसार  में एक नियम चलता है की आप जैसा करेंगे वैसा ही पाएंगे।  ठीक वही नियम यहाँ लागू होता है , हम जैसा बर्ताव दूसरे से करते हैं वैसा ही दूसरा हमारे साथ करता है। अगर आप चाहते  हैं  की लोग आप  से   अच्छा बर्ताव करे और इज्जत दे तो आप को भी उनको इज्जत देनी होगी और उनके साथ अच्छा बर्ताव करना होगा।  
मानवीय सम्बन्धो में सामंजस्य 

                       दूसरो के साथ सामंजस्य की शुरुआत अपने ही स्वरूप से होती है। जैसा शेक्सपियर ने कहा था ,"अगर अगर तुम अपने स्वरूप के प्रति सच्चे रहोगे ,तो जिस तरह दिन के बाद रात आती है ,उसी तरह यह भी होगा की तुम किसी भी व्यक्ति के प्रति झूठे नहीं रहोगे। "

अच्छी सेहत 

                   
                     अच्छी  सेहत "सेहत की चेतना "से शुरू होती है। यह चेतना उस मस्तिष्क में होती है ,जो बीमारी के के बजाय सेहत के सन्दर्भ में सोचता है। इसमें संयम भोजन और व्यायाम के संकल्प की जरुरत होती है। अच्छी सेहत अच्छा  कोई  धन नहीं है।  जिसकी सेहत अच्छी है वह हमेशा खुश रहता है।  अपनी सेहत को अच्छा रखने आप को संतुलित भोजन करना चाहिए और हमेशा व्ययाम करना चाहिए।



लोगो को समझने की छमता :-


                            जो लोग दुसरो को समझने में निपुण होते है ,वे जानते है कि  सभी लोग मूलभूत रूप से सामान होते है। वे ये भी जानते है ककि इंसान का हर काम जिंदगी के नौ मूलभूत उद्देशयों में से किसी एक या इससे अधिक से  प्रेरित होता है :

१. प्रेम का भाव 
२. सेक्स की इच्छा 
३. भौतिक लाभ की 
 ४.आत्म रक्षा की इच्छा 
५.श्री  मानसिक स्वतंत्रता की इच्छा 
६.आत्म अभिव्यक्ति की इच्छा 
७. मृत्यु के बाद जीवन की निरंतरता की इच्छा 
८. क्रोध का भाव 
९.  डर का भाव 
                        
                 जो लोग यह समझाना चाहते है कि दूसरो को किस चीज से प्रेरणा मिलती है ,  उन्हें सबसे पहले तो यह समझना की  उन्हें किस चीज से प्रेरणा मिलती है। 
     
        
सभी विषयो पे खुली मानसिकता

              सहिषुणता सस्कृति का एक महत्वपूर्ण गुण  है.सिर्फ वही व्यक्ति साहिसँ  होता है , दिमाग सभी विषयो पर और हर समय खुला रहता है।  खुले दिमाग वाला  व्यक्ति ही सचमुच शिक्षित होता हैऔर जिंदगी  दौलतो को अपने के लिए तैयार  है। 
आत्म -अनुशासन :- 

                              जो व्यक्ति आत्म -अनुशसान का स्वामी नहीं होता है वह कभी किसी चीज का स्वामी नहीं हो सकता है।  जो व्यक्ति खुद के स्वामी होते है , वे खुद अपने भाग्य के स्वामी होते है आत्म - अनुशासित व्यक्ति अपने काम को एक अनुशासित तरीके से करता है और अपनी दौलत पर घमण्ड ना कर के गर्व करता है।  वह बहुत सारी दौलत प्राप्त करने और सफलता पाने के बाद भी विनम्र रहता है।

आस्था की छमता :- 

        
              आस्था चेतन मस्तिष्क और विशाल ब्रह्माण्ड के बीच की कड़ी है। यह मस्तिष्क के बगीचे की वह उपजाऊ मिटटी है , जिसमे जिंदगी की सभी दौलतो की फसल पैदा हो सकती है। यह वह "अमृत"है ,जो विचार के संवेग को सकारातमक शक्ति देता है और सक्रीय बनाता है। आस्था  ही सभी तथाकथित चमत्कारों का  आधार है। आस्था ही उन बहुत से रहस्यों का आधार है ,जिन्हे तर्क या विज्ञानं के नियमो द्वारा नहीं समझाया जा सकता। यह वह आध्यात्मिक "रसायन" है।,जिसे प्रार्थना के साथ मिलाने पर  ततकाल ईश्वर के  साथ सीधा सम्बन्ध बन जाता है। 
                 आस्था ही वह शक्ति है ,जो विचार की ऊर्जा को उसके भौतिक रूप में बदल देती है। 



अगर आप को खुश रहना है तो ये करे 
           
                   अगर आप खुश रहना चाहते है तो आप को  सबसे पहले अपनी सेहत को अच्छा करना होगा।  सेहत अगर अच्छी  रहेगी तो  आप अपने बारे में, अपनी कम्पनी के बारे में , अपने घर के बारे में  अच्छे से सोच सकते है क्योकि कहा गया है की स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।  अगर आप का शरीर अच्छा है तो आप को कोई बीमारी नहीं हो सकती है और   अगर आप बीमार नहीं हैं तो आप हमेशा  खुश रहेंगे।  इसके लिए आप को  हमेशा संतुलित भोजन करना होगा। हमेशा और नियमित व्यायाम करना होगा ताकि आप के शरीर की ऊर्जा नियंत्रित और संतुलित रहे सके।  आप के सेहत ही आप के जीवन के समय को तय करती है 




एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए सबसे अहम बात 



सकरात्मक सोच :- 
          अगर आप एक अच्छी जिंदगी जीना चाहते है तो आप को अपने सोचने के नजरिये को सकारात्मक करना चाहिए।  सकारात्मक सोच वह शक्ति है जो आपको  किसी भी परिस्थिति में हारने नहीं  देगी।  आप कितनी भी बुरी मुसीबत में फस गए हो अगर आप के सोचने का तरीका सकारात्मक है तो आप उस मुश्किल से निकलने का मार्ग खुद ही निकल लेंगे।  ये आप को हमेशा मुश्किल के समय भय से मुक्त करती है और आप को एक नईं ऊर्जा देती है।  यह आप को हमेशा ही ऊर्जा देता है जिससे आप हमेसा आनन्दित रहते है आप नई- नई वस्तुओ, संगीत, ज्ञान - विज्ञान के बारे में सोच सकते है आप उसे एक नया स्वरूप दे सकते हैं। सकारात्मक सोच आप की ओर अपार धन - दौलत आकर्षित करती है। सकारात्मक सोच आप के घर में सामंजस्य बना कर रखती है ये आपके व्यापार को उस ऊंचाई तक ले जाने की छमता रखता है जहाँ तक आप ने सोचा होगा।  यह एक ऐसी सकती है जो आप को कभी हरने नहीं देगी। 


Sunday, 5 November 2017

चार जरूरी बातें जो हर उस व्यक्ति को जाननी चाहिए जो जीवन में सफल होना चाहता है

चार जरूरी बातें जो हर उस व्यक्ति को जाननी चाहिए जो जीवन में सफल होना चाहता है

सफलता एक ऐसी वस्तु है जो शायद ही किसी को अपनी तरफ आकर्षित नहीं करती लेकिन यह भी सच है की बहुत ही कम लोग अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर पाते हैं। अगर आप भी अपने जीवन में सफलता पाना चाहते है तो आइये जानते है वो चार जरूरी बाते जो आपको सफल बनने में अत्यधिक सहायता कर सकती हैं :-

१:- सुनिश्चित उद्देश्य :-

 यदि आप सफल होना चाहते है तो यह अति आवश्यक है की आप अपने जीवन में लक्ष्यों का निर्धारण अवश्य कर लें। बहुत खेद की बात है की सफल तो हर कोई होना चाहता है परन्तु अधिकांश लोगों को पता ही नहीं होता की वह अपने जीवन में करना क्या चाहते है लेकिन सफलता के लिए उद्देश्य निर्धारित होना उसी प्रकार है जैसे यात्रा पर निकलने के पहले आपको पता होना चाहिए की जाना कहाँ है नहीं तो आपका अधिकांश समय और शक्ति भटकने में बर्बाद होगी। उद्देश्य निर्धारित करने में भी बुद्धिमत्ता आवश्यक होती है  ताकि आप सही लक्ष्यों का निर्धारण कर सकें। अधिकांश लोग कहते है की अमीर बनाना हमारा उद्देश्य है जबकि यह कोई निश्चित उदेश्य  नहीं है लेकिन जब आप निर्धारित करते है की कितना धन किस निश्चित तारीख  तक आप कमाना चाहते है तो यह वास्तविक रूप से आपका सुनिश्चित उद्देश्य होता है। इसी प्रकार अधिकांश विद्यार्थियों का उद्देश्य परीक्षा में केवल उत्तीर्ण होना होता है लेकिन आप ध्यान दे तो जिन विद्यार्थियों का उद्देश्य  पास होना होता है उनमें से अधिकांश फेल होते हैं  किन्तु जिन विद्यार्थियों ने ८५% अंक प्राप्त करने का लक्ष्य बनाया है उनके फेल होने की सम्भावना बहुत काम होती है ऐसा निश्चित लक्ष्य के कारन होता है।

success

२ :- समय निर्धारण :- 
              जब आप  अपने गोल का निर्धारण कर लेते हैं तो दूसरा सबसे बड़ी बात यह होती की आप आप उस गोल को पाने के लिए किस प्रकार का समय निर्धारण करते हैं।  आपको अपने समय का निर्धारण अपने गोल के अनुसार करना होता है , गोल जितना बड़ा होता है उस गोल को पाने के लिए समय का निर्धारण करना उतना ही मुश्किल होता है   समय निर्धारण के समय यह बात यद् रखनी चाहिए की हमारा समय  बिना मतलब के कामो के लिए नहीं होना चाहिए।  समय को हमेशा अपने गोल के अनुसार सेट करे ताकि आपका समय  आपके गोल के लिए सही से प्रयोग में आ सके।   आपको यह भी धयान देना होगा की गोल तक पहुंचने के लिए कितना समय लगेगा और कितना समय आपके पास बच रहा है अगर आप  के पास समय बच रहा है तो आपको  समय निर्धारण दोबारा और अच्छे ढंग से करना चाहिए ताकि आपके पास फालतू काम के लिए समय न रहे।

३-:सोचने की छमता 
            
              आपके गोल को पाने के लिए तीसरी सबसे अहम बात यह होती है की आप उस गोल के बारे में कितना सोच सकते है उस गोल के लिए आप डाटा किस -किस जगह से ला  सकते है  आप उस गोल के बारे में कितना ज्यादा सोच सकते है।  यह बात आपके गोल निर्धारण के समय भी लागू होती है की आप अपने गोल को कितना  जानते हैं आप गोल के बारे में क्या जानते है या फिर आप अपना गोल क्या सोच कर निर्धारित कर रहे हैं।   सोचने की छमता से ही आपका गोल निर्धारित होता है।  सोच ही आपका गोल होती है। गोल निर्धारण के बाद बात जब समय निर्धारण की होती है तो समय निर्धारण  आपकी सोच पर ही निर्भर होता है आप जितना अच्छा सोच सकते है समय का निर्धारण भी उतना ही अच्छे तरिके से कर सकते है अगर  आप अच्छे थिंकर है तो ही आप एक अच्छा गोल और उस के लिए एक अच्छा समय निर्धारण कर सकते है और अगर आप ने गोल और समय निर्धारण सोच समझ कर अच्छे  से किया है तो आप को सफलता पाने से कोई नहीं रोक सकता है।

४ :- विश्वास :- 

                अपने सोच समझ कर एक गोल बनाया और उस गोल के लिए सोच समझकर  एक समय का निर्धारण किया और उस गोल को पाने के लिए चल दिए।  शुरुआत में तो सभी ऊर्जा से भरे होते है। और उस उस गोल को पाने के लिए  कही भी जाने के लिए तैयार रहते हैं किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार रहते है पर जैसे जैसे समय बढ़ता है उन्हे डर लगने लगता है की उनका गोल पूरा होगा की नहीं ,ऐसा इसलिए होता क्योकि उनका विश्वास कम होने लगता है। वे अपने गोल-पर विश्वास करना कम कर देते है या फिर आने समय निर्धरिता पर संदेह होने लगता है की मैंने सही गोल चुना है की नहीं या मैंने सही समय निर्धारण किया है की नहीं। अगर अपने कोई गोल बनाया है और उस गोल को पाने के लिए समय निर्धारण सही से किये है तो आपको आखरी समय तक उस को फॉलो करना चाहिए। अगर आप ऐसा करेंगे तो आप को सफलता पाने से  रोक नहीं सकता।